रेल का सफर एक ऐसी यात्रा है जहां इंसान को अपनी भागदौड़ भरी जिंदगी से कुछ खाली वक्त मिलता है। आगे बढ़ने की तेजी में जो वो जो पीछे छोड़ आया है ∣ उसे याद करने का एक मौका मिलता है। इसी बीच रास्ते में होती है उसकी अलग -अलग लोगों से मुलाकात जो भले न उसके जैसे हो उनकी भाषा और परिधान से अलग किन्तु उनके चेहरे के भाव एक से होते हैं ∣ समाज में परिवर्तन किस तरह का हो रहा है इसका असली पता रेल के डिब्बों में चलता है। जहां समाज की विविधता नजर आती है। वो देश जहां दो कोस पर भाषा, और पानी बदलता है वो सब एक ही सांचे में ढ़ले हुए होते हैं ∣ जो भारतवासी ही कहलाते हैं ∣ ये भारत की खूबसूरती है जहां अनजाने लोग अपने हो जाते है। ये विविधता का ही तो जादू है जहां चाहे हो भाषा अलग हो,या परिधान सब एक ही देश के वासी कहलाते है
वो बात जो जरूरी है