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Showing posts from November 19, 2024

international men's day poem in hindi

तुम पुरुष हो ये सबने बताया तुम्हें जिंदगी जीने का सलीका कहां सिखाया तुम्हें कमाया तुमने खर्च कहां किया तुमने पैसे का हिसाब करते जीवन गवाया तुमने तुम क ई बार सही होकर गलत ही रहे तुम्हारी कड़क आवाज के चलते तुम सही होकर भी गलत हो गये तुम्हें खुद को अभिव्यक्त करना सिखाया कहां तुम पुरुष ये कहकर तुम्हारा न जाने कितना शोषण हुआ।