कड़वा पर सच है जब तक हम जिंदगी को समझते हैं तब तक जिंदगी बहुत आगे निकल चुकी होती है। एक समय के बाद इंसान को फर्क पड़ना बंद हो जाता है कि लोग उसके बारे में क्या सोच रहे हैं जब वो खुद के बारे में सोचने निकलता है।
वो बात जो जरूरी है
वो बात जो जरूरी है