एक तरफ जहाँ एक वर्ग अमीर होता जा रहा है वही दूसरा वर्ग गरीब से अति गरीब की ओर जा रहा है जहाँ लोगों को कुपोषण जैसी समस्या होना आम बात सी हो गयी है. जब हम सतत विकास की बात करते हैं तो उसके लिए ये महत्वपूर्ण हो जाता है कि हम असमानता को खत्म कर सभी को एक रेखा में लाएं. तब ही समानता लाने पर जोर देना विवेकपूर्ण काम होता है. आज न अल्पविकसित देश, विकासशील देश दोनों में ही असमानता दिन दिनों बढ़ती जा रही है इसलिए हमें जरूरी है कि हम समाज के हर तबके को मूलभूत आवश्यकताओं को देने की कोशिश करे उनके लिए नियम बनाए और उसकी दिशा के लिए सतत विकास को बढ़ावा देने वाली योजना बनाए. असमानता को खत्म करना है तो समानता की ओर जाए समानता के लिए पहले करे सब का विकास न हो कोई भूखा कोई न दुखी इसलिए जरूरी है करे बेहतर काम समानता को बढ़ावा देने के लिए थोड़ी मेहनत कड़ी न हो किसी के भूखे पेट न हो किसी के घर भोजन की थाली खाली आज से ही ( संकल्प ले न रहे कोई भूखा इसके लिए हम भी करें थोड़ा खाने पीने की चीज का उपयोग समुचित)
वो बात जो जरूरी है