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Showing posts from March 19, 2025

corporate job poem in hindi

अब समझ आता है काम का मतलब जहां जाने का टाइम तो फिक्स होता है पर आने का कोई नहीं टाइम नहीं होता है जहां काम के घंटे तो बढ़ जाते  पर कोई पद नहीं जहां सैलरी में असमानता दिखाई देती है जहां मन जैसा कुछ भी नहीं काम करना ही होता है।