अब समझ आता है काम का मतलब जहां जाने का टाइम तो फिक्स होता है पर आने का कोई नहीं टाइम नहीं होता है जहां काम के घंटे तो बढ़ जाते पर कोई पद नहीं जहां सैलरी में असमानता दिखाई देती है जहां मन जैसा कुछ भी नहीं काम करना ही होता है।
वो बात जो जरूरी है
वो बात जो जरूरी है