नेहरू आलोचना - नेहरू के अनुसार अपनी आलोचना करने वालों से लड़ना नहीं चहिये बल्कि उनकी बातों को गम्भीरता से लेना चाहिये क्योकि वही एक इंसान होते है जो तुम्हार बिना किसी स्वार्थ के गुण दोषों का बखान करते हैं। कष्ट- का असली मतलब ये नहीं होता कि तुम अपने ऊपर आ रहे कष्ट को सह रहे हो क्योकि उसे तो तुम्हारा किसी न किसी तरह से लाभ ही होता है वे लोग जो तुमसे स्नेह करते है अगर तुम उन पर आने वाली मुसीबत के बारे में सोचते हो तो तुम कष्ट सह रहे है।
वो बात जो जरूरी है