शाहरुख़ की वैसे तो हर फिल्म अपने आप में खास होती है किन्तु जब हम बात उनकी फिल्म 'जवान' की करते हैं ∣ तब हम आम आदमी को इससे जुड़ा हुआ पाते हैं ∣ इस फिल्म की कहानी वैसे तो विक्रम राठौर की कहानी को केन्द्र में रखकर लिखी गयी है ∣ किन्तु इसके अलावा इसमें किसान आत्महत्या, भष्ट्राचार और वोट बैंक जैसे गंभीर विषय को भी जोड़ गया है ∣ जहां आम आदमी अपना न्याय स्वयं करता है ∣ इस मूवी की कहानी दर्शकों को बांधे रखने का काम करती है ∣ जो कभी दर्शकों को हंसती तो कभी रुलाती है ∣ एक पल के लिए उन्हें सोचने के लिए मजबूर कर देती है कि इंसान हर चीज में इतना मोल भाव करता है किन्तु जब बात सरकार बनाने की आती है तब वो इस पर ध्यान नहीं देता है ∣ रहा सवाल कि इस फिल्म को क्यों देखा जाना चाहिए? इस फिल्म में हम एक कहानी के जरिए देश में मौजूद अनेक विषयों की गंभीरता को समझते है ∣ जहां हम सबका का ध्यान धर्म की राजनीति से हटकर मूलभूत विषयों पर लगता है ∣ अगर हम इस हफ्ते कुछ नया सा देखने की कोशिश कर रहे हैं तब हमें ये फिल्म जरूर देखनी चाहिए जिसमें हमें शाहरुख़ , द...
वो बात जो जरूरी है