कहते है इंसान किसी भी चीज की कीमत उसके खोने के बाद ही समझता है। जब तक वो उसकी नजरों के सामने होती है तब तक वो कहां उसे समझ पाता है। जैसे आज ही का तो दिन था । कहने को तो उसे बीते पांच साल से ज्यादा का वक्त हो गया था किन्तु लगता है जैसे कल की तो बात है। हम सब की जिंदगी में कुछ लोग ऐसे जरूर होते है जिनसे हम भले ज्यादा बातचीत न करें किन्तु उनके प्रति हम बहुत सम्मान रखते है। पर जैसे एक छोटी सी गलती हमें ताउम्र के लिए वो जख्म सा दे जाती है। कहते जिंदगी समय के साथ सबको सबकी अहमियत बताती है फर्क महज इतना सा होता है किसी को पहले किसी को बाद में उसकी याद दिलाती है। वो दिन कुछ अलग सा था । मार्केट जाना कोई नयी बात नहीं किन्तु वो दिन कुछ निराला सा था। हम सब मार्केट आएं थे । मार्केट में कुछ लेने की ले लिए हम सब दुकानों में नजर दौड़ा ही रहे थे कि तभी हमारी नजरें भाई -भाभी पर पड़ी। संयोगवश हम सब पर जहां पर टकराएं उसके सामने ही समोसे की दुकान थी। जो उस वहां फेमस मानी जाती है। भाई भाभी संग हम सब उस दुकान के अंदर के साथ खाने पहुंचे । सबने अपनी फरामाइशे...
वो बात जो जरूरी है