आज दूरदर्शन दिवस मनाया जा रहा है भारत में पहली बार 15 सितम्बर 1959 को दिल्ली में इसका प्रयोग किया गया था . दूरदर्शन की शुरुआत में तो पहले इसमें न्यूज़ चला करती थी और फिर धीरे - धीरे उसमें मनोरंजन के कार्यक्रम भी आने लगे हैं जिसमें दूरदर्शन का सबसे पहला कार्यक्रम 'हम लोग ' था. दूरदर्शन में कार्यक्रम पहले तो साहित्यिक होते थे जिनमें फणीश्वरनाथ रेणु का लिखित मैला आँचल, तो श्रीलाल शुक्ल का राग दरबारी सबसे अहम था तो वही नेहरू द्वारा लिखित "भारत की एक खोज " कौन भूल सकता है जिसमें वो कहते हैं कि भारत में अनेकता में एकता है जहाँ रहते तो अलग -अलग धर्म के लोग किन्तु जब भी वो देश के बाहर जाते हैं तो इन्हें हिन्दुस्तानी कहकर ही बुलाया जाता है हिन्दुस्तानी का नाम लेते ही मुझे " फिर भी दिल है हिन्दुस्तानी " कार्यक्रम याद आ गया जिसका वो गीत तो कार्यक्रम में चार चांद लगाता है " अपनी छतरी उनको देदे कभी जो बरसे...
वो बात जो जरूरी है