जिन्दगी शायद यही है जहां फासला एक पल का पर दूरी थोड़ी ज्यादा है हमें नहीं पता कि आगे क्या होगा जिंदगी में उसके बावजूद जब हमने आगे चलने की ठानी कहने को कम पर समझने को तब ज्यादा था शब्द हो ग ए खत्म जब जिंदगी और मौत को हमने करीब से जाना था।
वो बात जो जरूरी है