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Showing posts from December 5, 2022

बला की पैदाइश समझी जाने वाली लड़की की जात

आज भी जब बात लड़का और लड़की की आती है तो एक आवाज आती है अरे लड़का ही होगा ∣ ये आवाज कभी किसी घर तो कभी किसी समाज से आ रही होती है जो कि हमारे समाज के एक बड़े भाग प्रतिनिधित्व कर रही होती है ∣  जो आज के युग में भी भले चाहे कितना भी आधुनिक बनने की कोशिश क्यों न करें किन्तु उनकी रूढ़िवादी  सोच मालूम ही चल जाती है ∣ अफसोस तो तब होता है जब उसका समर्थन खुद एक स्त्री करती है ∣ जो लड़के के इस दुनिया में आने का मतलब ही सबकुछ अच्छा होना समझती है ∣ आज भी हर घर में बैठी एक लड़की के मन में ये सवाल आत है काश मैं भी लड़का होती तो मेरे जन्म को भी अच्छा समझा जाता है ∣ सबकी जरुरत और सेहत का ध्यान रखने वाली का उस समय कोई अस्तित्व जैसे नहीं होता है ∣ लड़के को जरा सी चोट लगा जाएं तो सारा घर सिर पे उठ जाता हैं ∣ लड़की बीमार भी हो जाएं तो जैसे आम बात होती है ∣ ये सोच तब तक नहीं बदल सकती है ∣ जब तक खुद एक स्त्री खुद के जन्म को व्यर्थ मानती केवल लड़के के जन्म पर खुशियां बांटती रहेगी  ∣