हिंदी मेरी जननी हैं मै इसकी दीवानी हुँ लोग कहते है मुझे पगली लेकिन मैं तो उससे भी ज्यादा सियनी हुँ , हिंदी मेरी जननी हैं मैं इसकी दीवानी हुँ, जिसे राजभाषा की दर्जा मिला मैं तो इसलिये अभिमानी हुँ ,मीरा तो कृष्ण की दीवानी लेकिन मैं तो इसकी दीवानी हुँ।
वो बात जो जरूरी है