किसी की भी चीज कीमत खोने के बाद ही मालूम चलती है। वास्तविकता से डरकर जीवन नहीं जिया जाता। डर एक समय के बाद खत्म हो जाता है। कीमतें बताना आसान किसी चीज की कीमत अदा करना मुश्किल होता है। जब बात अपनी होती है।
वो बात जो जरूरी है
वो बात जो जरूरी है