संस्कृत जो समस्त भारतीय भाषाओं की मांं है हमारे पुराने ग्रन्थ, साहित्य और कलाओं का ज्ञान भी इसी भाषा में उपलब्ध है. संस्कृत व्याकरण प्रधान भाषा है जिसे देववाणी भी कहा जाता है जिस कारण अनेक देवी देवताओं की वंदना भी संस्कृत भाषा में ही की गई है . संस्कृत शब्द मुख्य रूप से 'सम्' उपसर्ग तथा कृ धातु एवं क्त् प्रत्यय से मिलकर बना है संस्कृत शब्द का शाब्दिक अर्थ ' संस्कार की हुई ' जिसका अर्थ उसके संशोधन से है इसे वेद भाषा और 'आदि भाषा' के नाम से जाना जाता है. आपको बता दे कि इसके जनक स्वयं पाणिनी है इनके द्वारा लिखे गए ' अष्टाध्यायी ' नामक संस्कृत ज्ञान है जिसमें अनेकों सिध्दांत और सूत्र है जिसे 'संस्कृत व्याकरण' का नाम दिया गया है संस्कृत भाषा जो कम शब्दों में भी बहुत कुछ कह देती है जैसे 'विद्या विनयम् ददाति विद्यया पात्रता याति'. जिसका हिन्दी अर्थ विद्या हमें विनय द...
वो बात जो जरूरी है