हम अक्सर कुछ चीजों को अपने वश में कर लेने की कोशिश में बहुत प्रयत्न कर देते हैं ∣ किन्तु नियति के आगे वो सारी मेहनत में पानी सा फिर जाता है ∣ वहाँ हम चाहकर भी अपने जीवन के हालात नही बदल पाते हैं ∣ जहाँ हम एक से उबर नहीं पाते दूसरी परेशानी हमारे जीवन आ खड़ी हो जाती है ∣ जिसे रोक पाना हमारे वश में नहीं होता है ∣ शायद इसलिए कहते हैं कि जिंदगी में जब खुश होने का मौका मिले तो हमें उस खुशी को मनाना चाहिए क्या पता अगली घड़ी हमारे लिए कैसी हो ∣
वो बात जो जरूरी है