हम मानें या न मानें, किन्तु आज जिस भी अवस्था में हम खड़े है। वो हमारे भूतकाल का ही परिणाम है। और आगे हम जिस भी अवस्था में खड़े होगें। वो हमारे आज का ही परिणाम होगा। इसका हिसाब हम सब को अपनी जिंदगी में कभी न कभी करना ही होगा। क्योंकि ये साल भी हर साल की तरह जा ही रहा है। जिसमें हमने ऐसा कोई खास चमत्कार नहीं किया है जिस पर हमें खुद पर नाज होगा। इसके बावजूद जब हमें वक्त मिलें। तो हमें अपने कर्मों का हिसाब तो करना ही होगा। कल जब शाम होगी, तो तुम्हारे लिए हर दिन की तरह ज्यादा कुछ खास नहीं बदलेगा। उसके अगले दिन भी कुछ ऐसा खास नहीं होगा। जिससे तुम्हेारें जीवन में कोई ज्यादा प्रभाव होगा। किन्तु जब साल के अंतिम दिन में तुम प्रवेश करोंगे। तब तुम्हें अहसास होगा। कि तुमने ये साल भी समय की बर्बादी में ही निकाला। ऐसा बहुत थोड़ा समय ही रहा होगा। जब तुमने वास्तव में इस समय का उपयोग किया होगा। पर ऐसा नहीं है कि इस कीमती साल का किसी ने कोई उपयोग न किया होगा। कुछ लोग हमारे आस पास ऐसे जरूर रहे होगें। जिन्होंने इस साल को बेहतरीन तरीके से जिया होगा। जिसने अपने सभी काम किये होगें।...
वो बात जो जरूरी है