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Showing posts from October 1, 2021

गांधी के विचारों की प्रासंगिकता क्या आज भी है

  गांधी मात्र एक नाम बल्कि देश में नवजागरण का एक आलोक रहा है जिसने देश में अंधकार खत्म कर प्रकाश लाने की कोशिश की और जलियांवाला बाग के नरसंहार के विरोध में उन्होंने अंग्रेजों  द्वारा दी हुई केसरे हिन्दू की उपाधि वापस कर दी जो अग्रेजों के विरोध उठाया गया उनका पहला कदम था ∣ जिन्होंने न केवल देश बल्कि विदेश में भी उन चीजों का विरोध किया जो सही मायने में गलत थी जिनके विचारों से प्रेरणा मार्टिन लूथर किंग ने ली ∣ गांधी के विचारधारा के साथ चलने की बात तो  आज हर कोई बड़े जोर शोर से करता है किन्तु वास्तविक रूप में इसका निर्वाहन कुछ लोग ही कर पाते हैं ∣ आज हम गांधी के उन विचारों पर बात करेगें जिस पर गांधी ने बहुत जोर दिया  हिन्द स्वराज - गांधी हिन्द स्वराज का पुरजोर समर्थन करते थे जिसमें उनका मानना था....कि हिन्द स्वराज्य तब ही पाया जहाँ सकता है जब हम अपनी भाषा शैली, रहन सहन पर पाश्चात्य सभ्यता का बिल्कुल भी प्रभाव न डाले उनका मानना था कि अगर हम आजाद भी हो जाते है किन्तु अंग्रेज़ों की विचार शैली को अपनाते है तो हम स्वतंत्र होकर भी स्वतंत्र न होगें ∣ आत्मनिर्भर - यू तो आज आत्म...

सेहत पर ध्यान देना जरूरी है वरना

  "एक स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है " ये  महज वाक्य नहीं अपितु वो सत्य है जिसे झुठलाया नहीं जा सकता है ∣  आज बात युवा की हो, बच्चों की हो, या वृद्ध लोगों की  वे कही न कहीं अपने स्वास्थ्य के लिए लापरवाह होते जा रहे हैं ∣ जिसके परिणामस्वरूप वो ज्यादातर समय  बीमार रहते हैं ∣ जिसके  कारण वो दैनिक जीवन में दर्द निवारक गोली का सेवन करते हैं ∣ जो अधिक मात्रा में सेहत के लिए अच्छी नहीं होती है ∣ और जब हमें इसका कारण मालूम चलता है जब तक बहुत देर हो जाती है ∣   अगर हम स्वास्थ्य से खिलवाड़ करेगें तो न केवल हमारे लिए बल्कि हमारे शरीर के साथ भी हानिकारक होगा इस चीज को हमें  नहीं भूलना चाहिए ∣