गांधी मात्र एक नाम बल्कि देश में नवजागरण का एक आलोक रहा है जिसने देश में अंधकार खत्म कर प्रकाश लाने की कोशिश की और जलियांवाला बाग के नरसंहार के विरोध में उन्होंने अंग्रेजों द्वारा दी हुई केसरे हिन्दू की उपाधि वापस कर दी जो अग्रेजों के विरोध उठाया गया उनका पहला कदम था ∣ जिन्होंने न केवल देश बल्कि विदेश में भी उन चीजों का विरोध किया जो सही मायने में गलत थी जिनके विचारों से प्रेरणा मार्टिन लूथर किंग ने ली ∣ गांधी के विचारधारा के साथ चलने की बात तो आज हर कोई बड़े जोर शोर से करता है किन्तु वास्तविक रूप में इसका निर्वाहन कुछ लोग ही कर पाते हैं ∣ आज हम गांधी के उन विचारों पर बात करेगें जिस पर गांधी ने बहुत जोर दिया हिन्द स्वराज - गांधी हिन्द स्वराज का पुरजोर समर्थन करते थे जिसमें उनका मानना था....कि हिन्द स्वराज्य तब ही पाया जहाँ सकता है जब हम अपनी भाषा शैली, रहन सहन पर पाश्चात्य सभ्यता का बिल्कुल भी प्रभाव न डाले उनका मानना था कि अगर हम आजाद भी हो जाते है किन्तु अंग्रेज़ों की विचार शैली को अपनाते है तो हम स्वतंत्र होकर भी स्वतंत्र न होगें ∣ आत्मनिर्भर - यू तो आज आत्म...
वो बात जो जरूरी है