सुबह नींद खुलने से पहले कोई आपको तोतली आवाज में तुतलाते हुए ये कहकर उठाए चलों खेले उस वक्त कौन इतनी हिमाकत कर सकता है कि उससे ये बोले की नहीं अभी सोने दो और जब उठे तो उस पर गुस्सा आने की जगह उस पर स्नेह की धार सी बहे और फिर अपने काम को करने में लग जाए पेपर पढ़ने जैसे काम से और फिर जब वो पुनः आपके पास आकर कहें जेका जेका है तो आपको भले उस वक्त थोड़ा गुस्सा सा आए किन्तु उस डाटने का मन भी न करे और फिर उसे बताने में लग जाए जे सोना लड़की है जै अगरबत्ती है जे जे है और वो अपनी जिज्ञासा में और सभी प्रश्न को पूछती चले जाएं और उसे बताते चले जाए फिर अपने दूसरे काम में लग जाए और जब खाने के वक्त वो आ जाए तो केवल उसे परेशान करने के लिए इतना भर कहा द़ो सोना तुमने नहाया नहीं और व़ो कहे मम्मी कपड़े धो रही है मौसी और फिर उसके उसके मुंह पर लगे जूठ को हटाते हुए उसके मुंह को साफ करना और फिर उसके लिए एक छोटी सी थाली लगाना और फिर दोनों साथ में बैठकर खान खाए इसके पश्चात जब वो भरी दोपहर में घर आए तो म न न चाहते हुए उसे ये कहे सोना शाम क़ो आना और फिर उसका घर को चले जाना शाम को जब अपने सभी...
वो बात जो जरूरी है