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Showing posts from January 13, 2024

राम पर कुंवर नारायण की कविता पढ़ी जानी चाहिए

राम जो आस्था, विन्रमता का एक रूप है ∣ राम नाम न सिर्फ इंसान अपने जीते बल्कि मुक्ति के लिए करता प्रयोग है ∣   जब वो इस दुनिया को छोड़ आगे निकलता है तब उसकी मुत्यु पर 'राम नाम सत्य है' का एक नारा सा लगता है।  जो शिव की तरह ही सत्य और सुंदर है ∣ जिसके लिए हर कोई समान है ∣  आज जब उस राम के नाम पर कही वोट , तो कहीं अपनी ताकत का प्रभुत्व दिखाया जा रहा है ∣   जहां आज राम के नाम पर राजनीति चरम पर है ∣  जहां राम नाम से भी ऊपर देश का कोई नेता है ∣  ऐसे समय में कुंवर नारायण की उस कविता का सारांश समझे जानें की जरूरत है ∣ जो हमें आज की वास्तविकता को दिखाती है ∣ जहां कुंवर नारायण अपनी कविता में कहते हैं कि दुनिया का कड़वा सत्य हमारा जीवन है ∣ जहां इंसान अनेक तरह की चुनौतियों का सामना करता है ∣  जहां सुख और दुख का आना लगा ही रहता है ∣  जबकि राम एक महाकाव्य है ∣ जिसके अनेकों सर्ग है ∣ जिसे समझने के लिए व्यक्ति को थोड़ा वक्त चाहिए।  जहां आज उस राम की लड़ाई 1० सिर वाले रावण से नहीं बल्कि करोड़ों अविवेकी लोगों से है जिन्हें धर्म के मुद्दे पर कभी भी लड...