परिस्थितियां इंसान को सबकुछ सीखा देती है। कहां बोलना कहां नहीं बोलना। जीवन की विषम परिस्थितियों में इंसान जितना कुछ सीख लेता है उतना सामान्य परिस्थितियों में भी नहीं सीख पाता है। धैर्य रखना मुश्किल है जिसे रखना सीख लिए उसने जिंदगी की एक बड़ी लड़ाई जीत ली।
वो बात जो जरूरी है