अक्सर हम जिंदगी की कशमकश में इस तरह उलझ जाते हैं कि हमें मालूम ही नहीं चलता है कि हम कहां पर आ गए हैं बाहर की रौनक देखकर हम स्वयं को कम आंकने लगते हैं हमें लगता है कि हम कुछ नहीं जानते हैं हमारी प्रतिभा का कोई अस्तित्व नहीं है जब हम ऐसा सोचते हैं तब हमारा मस्तिष्क भी इसके खिलाफ अनेक नकरात्मक बाते लाकर खड़ा कर देता है जो हमें ये बताता है कि हम कुछ नहीं जानते इसके विपरीत जब हम अपने आपको मजबूत बनाकर हर हाल में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं तो हमें चारों तरफ सकरात्मक चीजें नजर आने लगती है ∣ जिंदगी की आधी लड़ाई हमारे खुद पर विश्वास पर निर्भर होती है जहां हम खुद को किसी चीज के काबिल समझते हैं तो हम अपनी प्रतिभा के दम पर आकाश को छू लेते हैं ∣ " जिंदगी की आधी लड़ाई केवल हमारे आत्मविश्वास पर निर्भर करती है ∣" .
वो बात जो जरूरी है