. चाणक्य के द्वारा लिखित कौटिल्य अर्थशास्र हम सभी क़ो पढ़ना चाहिए जिसमें हर चीज के प्रबंधन के बारे में दिया है. जैसे सुनार, बाजार व्यवस्था, राजस्व, वितरण, धर्म, दंड, अनुशासन, प्रशासन, न्याय, नियम, धर्म, वित्त व्यवस्था, के बारे में विस्तार से बताया गया है. इसमें करीब हर वो चीज जो हमारे दैनिक जीवन में काम आती है उसके प्रबंधन के बारे में विस्तारपूर्वक बताया है. इसके अध्ययन से बहुत सी नयी चीजें को जानेंगे उन लोगों को जरूर इसे पढ़ना चाहिए जो हर चीज के एक उचित प्रबंधन को देखना चाहते हैं. इसके अंत में चाणक्य सूत्र दिए गए हैं जैसे- १. अशिक्षित राजा से अच्छा राजा का न होना है. २. अपनी कमियों को दूसरे के सामने न बताएं. ३. दुश्मन का पुत्र अगर मित्र हो तो उसकी रक्षा करे. ४. दूध में पानी मिलने पर दूध ही बनता है. ५. अपने राजा की निंदा न करें. ६. अपने शत्रु की निंदा सभा में नहीं करनी चाहिए.
वो बात जो जरूरी है