देश के कुछ असामाजिक तत्व आज भी ऐसे काम कर रहे हैं जिसे छोटी -छोटी लड़कियां भी बच नहीं पा रही है . जहाँ एक दिन के लिए कैडल जला दी जाती है और दूसरे ही दिन लोग उस कांड को भूल जाते हैं. आज कोरोना काल के समय जहाँ एक तरफ लोग कोरोना से बचने के लिए उपाए ढूढ़ रहे हैं वहीं कुछ असामाजिक तत्व अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहें हैं . न जाने आखिर कब तक आखिर कब तक किसी माँ की बेटी का दौपद्री जैसा चीर हरण होता रहेगा??????? आखिर कब तक???????????....
वो बात जो जरूरी है