मनुष्य जो एक सामाजिक प्राणी है जिसके अपने कुछ दायित्व तो कुछ जिम्मेदारी होती है जिनका निर्वाहन करते हुए व्यक्ति अपने जीवन में आगे बढ़ता है ∣ जो उसके जीवनकाल तक चलती रहती है ∣ जैसे जैसे वो नयी नयी चीजों को सिखाता है ∣ वो एक आकार ग्रहण करता है ∣
वो बात जो जरूरी है