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Showing posts from January 1, 2021

एक उम्मीद के साथ

कुछ मिलेगा इस साल तो कुछ जुदा होगा इस साल कुछ बिछड़े अपने तो कुछ मिलेगा इस साल,  रह जाएगा तो सिर्फ अकेला     दीप  क ई लोग कहेगें घमण्डी है दीप पर दीप ही जाने जलते रहने का वियोग गीत कुछ बुझाने को तत्पर होंगे तुझे लेकिन तेरा जलना ही तेरी ताकत बनेगा हर तकलीफ़ को सहते  जलते रहना तु थोड़ी हवाओं के झोके सहने से तुझे मंजिल मिलेगी.