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Showing posts from October 23, 2024

suicide poem in hindi

अब समझ आता है क्यों  सुसाइड करते हैं लोग तनाव के बीच अकेले पिसते है लोग जहां कोई नहीं उनको समझने वाला जहां क ई बार घुटते है लोग जहां काम का तनाव क ई घंटो की नौकरी आगे बढ़ने की होड़ छिन लेती है आराम जहां कभी समाज, कभी आस पास के लोगों द्वारा छिन लिया जाता है चैन जहां दूसरे क्या अपने ही समझ नहीं पाते हैं अब समझ आया लोग फंदे‌ पर क्यों झूल जाते ।