25 मार्च 2020 से लगा लॉकडाउन ने इस तरह से तालाबंदी की शमा बांधी की आज 2021 माह अगस्त की 2 तारीक हो चुकी किन्तु अभी तक बच्चे ये अनुमान नहीं लगा सकते हैं कि वो स्कूल कब जा सकेगें। ऑनलाईन हुई शिक्षा के जहाँ क ई लाभ लोगों को देखने को मिलें तो वहीं इससे बच्चों को क ई तरह की परेशानी भी झेलनी पड़ी है । जिसमें फ़ोन की गुणवत्ता की कमी,बेहतर बैटरी का अभाव , मेमरी स्पेस और इंटरनेट कनेक्शन भी शामिल हैं। तो वही ऑनलाईन शिक्षा का असर बच्चों में भी देखने को मिल रहा है जो बच्चे किसी कारण से इस माध्यम से पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं ∣ उन बच्चों की लिखने की क्षमता से लेकर उनके याद करने की क्षमता भी बुरी तरह से प्रभावित हु ई है । जहाँ बच्चे अपनी कक्षा की किताब ही नहीं पढ़ पा रहे अन्य कक्षा की बात तो दूसरी है। यहाँ ये बात गौर करने वाली है कि बच्चों को मिला 'शिक्षा का अधिकार 'एक बार फिर इस महामारी के चलते कहीं छिन सा गया और एक विशेष वर्ग के पास ही बचा है ∣ क ई रिपोर्ट का हम अध्ययन करें तो हम जानेगें कि' सर...
वो बात जो जरूरी है