अगर चाहें तो हम हर चीज से कुछ न कुछ सीख सकते हैं ∣ जरूर नहीं हर चीज खुद के अनुभवों से ही सीखी जाएं∣ कुछ चीज हम दूसरों से भी सीख सकते हैं ∣ ठंडी का मौसम शुरू हो गया है ∣ अब ठंड जैसे -जैसे तेजी से बढ़ रही है वैसे -वैसे अपने काम के लिए सुबह उठना मुश्किल सा हो रहा है ∣ पर कहते हैं न काम हर चीज सीखा देती है ∣ पैसा हर चीज को बता देता है ∣ मन न भी करें फिर भी सुबह उठना होता है ∣लगातार चलते जाना होता है ∣ ठंडी जैसे हमें सिखाती है ∣ अपने काम के प्रति समर्पित रहना क्या होता है ∣ अपने काम के प्रति समर्पण क्या होता है ∣ जुनून की सीमा क्या होती है? मन न भी करें फिर भी सो कर उठना क्या होता है ? ठंडी का मौसम जैसे हमें बताता है कि चलते जाने का असली मतलब क्या होता है ∣
वो बात जो जरूरी है