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Showing posts from May 26, 2024

Human: आज इंसान तो हम नहीं

जहां इंसानियत के अलावा  हमारे पास सब चीजें मौजूद है। आज इंसान तो हम नहीं जहां अपने स्वार्थ के लिए दूसरों की भावना का खिलवाड़ कर हम खुशियां मान रहे है। जहां सबकुछ चाहने के चक्कर में  सबकुछ खत्म कर आगे हम बढ़ रहे है। इंसान तो आज हम वास्तव में नहीं है जहां अपनी खुशियों के लिए सबकुछ  रौंद हम आगे बढ़ रहे है।