विचार चाहे जितना अच्छा हो जब तक धरातल पर न लाया जाएं बेजुबां ही रहता है ∣ एक अच्छी नींद के लिए संघर्ष भी उतना करना पड़ता है ∣ मीठा बोलना और मीठे बने रहना में फर्क है ∣ जब हमें पता हो कि हम अब भी गलती कर रहे है ∣ तब उसे गलती नहीं अपने साथ अन्याय करना होगा। शब्द और मौन दोनों जब मिल जाएं तब एक गहरा सारा ग्रहण करते हैं ∣ जीवन में संघर्ष के सिर्फ मायने बदलते हैं ∣ इम्तिहान जिंदगी का कोई भी संघर्ष की आग में जलना ही पड़ता है ∣ क्रोध सभी को आता है किन्तु जो उसे नियंत्रण में कर लेते हैं वास्तव में वहीं खुद को बेहतर बना पाते हैं ∣
वो बात जो जरूरी है