वो बच्चे जो जो दुनियादारी को न जानें फिर भी सबको समान पहचानें जिनके लिए मंहगी चीजें नहीं वो तो सस्ती चीजें से ही खुश हो जावें । वो बच्चे जो अपनी मासूमियत के लिए जाने जाएं जिज्ञासा से भरे उनके हर प्रश्न कई बार सोचने को हमें मजबूर कर दें मिट्टी के चिकने घड़े की तरह होते है वो जिनको जो सही दिशा दे दी जाएं तो वो सही आकार में आ जाएं। पर अक्सर वो सूरज के प्रकाश के बीच भी अंधकार में रह जाते है जिनको नहीं मिलता है प्रकाश तब उनके जीवन में दिया तले अंधेरा ही रह जाता है। जो बचपन को ठीक से जी नहीं पाते है जो समय से पहले ही अभाव के तले बड़े हो जाते है।
वो बात जो जरूरी है