चाहत ही है जो त्याग करा देती है वरना दौलत तो सिर्फ जीना हरम कर देती है। उसका नाम भी न ले सके ये कसूर रहा हमारा। बात जुबां में आने से पहले वो चुका था तुम्हारा। मोहब्बत करना आसान तो नहीं पर अगर वो बिना किसी लालच के हो तो उस पाक कोई रिश्ता नहीं।
वो बात जो जरूरी है