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Showing posts from May 16, 2020

अब समझने का वक्त आ गया है

आज वो लोग भी जो कभी   कॉलेज  जाने को कोसते थे वो भी ये दुआ कर रहे हैं कि अब  कालेज  जल्द खुल जाए जिससे फिर हम लाईब्रेरी में जाकर कुछ नया पढ़ सके मुझें आज भी वो दिन याद है  जब मुझें  कोई भी किताब  ढूंढनी  होती थी और मुझें वो किताब मिल जाती थी जिसे मैं बहुत समय से ढूंढ रही हूँ तो मैं उसे जल्दी से खोलकर देखती थी और  कहीं शान्ति वाली जगह पर जाकर जहाँ पर मुझें कोई  डिस्टार्ब  न करें  वहाँ मैं पढ़ती थी. आज इसकी कीमत सबसे ज्यादा समझ में आती है भले ही हर दिन कॉलेज जाने में थोड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ता था लेकिन हर दिन कुछ नया सीखने और समझने को मिलता था. " जितने अनुभव जीवन में लिए उससे इतना तो सीख ही लिया है कि आप किसी भी काम को करे भले वो आपका   पढ़ाना हो, या एक स्टूडेंट के रूप में पढ़ना हो, या कोई काम करना हो उसे जुनून के साथ करिये और हर दिन कुछ नया करने  की कोशिश करें."

भारत की खोज क्यों पढ़े?

भारत की खोज में नेहरू  एक जगह पर कहते हैं  हिन्दुस्तान के लोग जब भारत से बाहर जाते हैं तो वो चाहे हिन्दू हो या मुस्लिम उन्हें  विदेश में 'हिन्दूस्तानी' ही कहा जाता है. वो चाहे किसी भी राज्य में चले जाऐ  उसे वहाँ अपनापन ही लगता है  लेकिन इसके विपरीत अगर वो दूसरे  देश  में जाता है तो  वो उसे पराया सा लगता है. * मेरे सपनों का भारत वो है जहाँ  पर हर गरीब व्यक्ति की जरूरत को पूरा किया जाता  हो.* " समकालीन समय में "भारत की खोज "इसलिए पढ़ना जरूरी है जिसे हम  भारत को हर तरह से जाना सके फिर भले वो भारत की पवित्र नदियाँ गंगा, जमुना हो,भारत का मुगलकालीन इतिहास जिसमें बाबर से लेकर अकबर की मिसाले हो, यहाँ गणितज्ञ आर्यभट्ट, भास्कराचार्य की बात हो, यहाँ साहित्य में रवींद्र नाथ टैगोर  हो, यहाँ गांधी के भारत आगमन आने की बात  हो,सिंधु घाटी सभ्यता का इतिहास हो  भारत को बारीकी से जाने के लिए भारत की खोज पढ़ना जरूरी है."