अब समझने का वक्त आ गया है


आज वो लोग भी जो कभी  कॉलेज जाने को कोसते थे वो भी ये दुआ कर रहे हैं कि अब  कालेज 
जल्द खुल जाए जिससे फिर हम लाईब्रेरी में जाकर कुछ नया पढ़ सके मुझें आज भी वो दिन याद है  जब मुझें  कोई भी किताब  ढूंढनी
 होती थी और मुझें वो किताब मिल जाती थी जिसे मैं बहुत समय से ढूंढ रही हूँ तो मैं उसे जल्दी से खोलकर देखती थी और  कहीं शान्ति वाली जगह पर जाकर जहाँ पर मुझें कोई  डिस्टार्ब  न करें  वहाँ मैं पढ़ती थी.
आज इसकी कीमत सबसे ज्यादा समझ में आती है भले ही हर दिन कॉलेज जाने में थोड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ता था लेकिन हर दिन कुछ नया सीखने और समझने को मिलता था.
" जितने अनुभव जीवन में लिए उससे इतना तो सीख ही लिया है कि आप किसी भी काम को करे भले वो आपका   पढ़ाना हो, या एक स्टूडेंट के रूप में पढ़ना हो, या कोई काम करना हो उसे जुनून के साथ करिये और हर दिन कुछ नया करने  की कोशिश करें."


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