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Showing posts from August 29, 2022

बात क्यों नहीं

आजादी के 75 साल हो ग ए हैं ∣ फिर भी आज  हम लोग पीरियड्स के बारे में बातें करने से दूर भागते है ∣ एक आधुनिक समाज में रह रही लड़की आज भी सैनेटिरी नैपकिन खरीदने से लेकर उसके इस्तेमाल की बात लोगों से बहुत गुप्त रखनी पड़ती है∣ जो  गाँव में नहीं अपितु शहर में भी बड़ा गुप्त रखा जाता है ∣ जबकि इस पर खुलकर कर बात किए जाने की आवश्यकता है आज भी लड़कियों को पीरियड्स के नाम लेने की जगह उसके  लिए 'बर्थ डे' हो गया , मैं चल रही हूँ, मेरे वो दिन चल रहे जैसे नामों का उपयोग करना पड़ता है ∣ आज समय की जरूरत है सेक्स एजुकेशन पर बात करने की जिससे हम कल बेहतर समाज दे सके , साथ ही लड़कियों के पीरियड्स में हो रहा तनाव ठीक हो वो इसको लेकर शर्म महसूस न करें ∣

दुनिया को बदलते देखा है

जिंदगी (Zindagi) में बहुत सी चीजे है जो पहली बार ही होती है ∣  लेकिन ऐसा अहसास कर जाती है∣  कि इससे पहले भी तुमने कई बार इस दुनिया (World) को अपनी इन आँखों से जीवंत (Living) सा देखा है ∣ तुमने जिया है इस पल को कई बार केवल तुमने आज ही इसे अलग तरह से महसूस किया है  ∣   सबकी जि़न्दगी में होती है अलग अलग परिस्थितियां फिर भी सब ने इस चलती हुई  दुनिया को बदलता देखा है  ∣ अगर कुछ करना है बेहतर तो अपने कदमों  पर ध्यान दो, इस दुनिया में बहुत कुछ समय के साथ बदलते हुए तुम्हे खुद बदलना है    ∣ चाहते हो अगर कुछ बेहतर पाने की, तो समय के साथ तुम्हें बेहतर करने के लिए बहुत कुछ पहली बार देखना है  ∣ नयी चीजों से तुम न घबरा जाना आगे चलते रहने के लिए तुम कुछ बदलते जाना,  कांटे नहीं तो फूल की भी ख्वाहिश बिना संघर्ष किए तुम मत करते जाना  ∣ एक दिन होगा जब यहीं मेहनत तुमको न ए पंख देगी, अपने इस संघर्ष को तुम न भूल जाना  ∣