आजादी के 75 साल हो ग ए हैं ∣ फिर भी आज हम लोग पीरियड्स के बारे में बातें करने से दूर भागते है ∣ एक आधुनिक समाज में रह रही लड़की आज भी सैनेटिरी नैपकिन खरीदने से लेकर उसके इस्तेमाल की बात लोगों से बहुत गुप्त रखनी पड़ती है∣ जो गाँव में नहीं अपितु शहर में भी बड़ा गुप्त रखा जाता है ∣
जबकि इस पर खुलकर कर बात किए जाने की आवश्यकता है आज भी लड़कियों को पीरियड्स के नाम लेने की जगह उसके लिए 'बर्थ डे' हो गया , मैं चल रही हूँ, मेरे वो दिन चल रहे जैसे नामों का उपयोग करना पड़ता है ∣
आज समय की जरूरत है सेक्स एजुकेशन पर बात करने की जिससे हम कल बेहतर समाज दे सके , साथ ही लड़कियों के पीरियड्स में हो रहा तनाव ठीक हो वो इसको लेकर शर्म महसूस न करें ∣
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