Skip to main content

Posts

Showing posts from June 18, 2020

झांसी की रानी

"बुंदेले हरबोलों के मुहं हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी, वह तो झांसी वाली रानी थी." वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई  जिनका नाम ही अपनी परिभाषा को बताता है   उनके इस साहस और तेजस्वी स्वरूप  ने न जाने कितने अग्रेजों को नाकों चने चबाया था. सन् 1857  जिसे' भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम' भी कहा जाता है जिसमें रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे, बेगम हज़रत महल  जैसे प्रमुख स्वतंत्रता संग्राम  सेनानी रहे थे जिन्होंने  भारत की आज़ादी के लिए अग्रेजों के खिलाफ लोहा लिया था. रानी लक्ष्मीबाई भले ही आज हमारे बीच में मौजूद नहीं है  लेकिन उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है वो ऐसी शख्सियत रही है  जिनको देखकर      आज भी स्त्री जाति गर्व करती है  उनके इस बलिदान को  शत् शत् नमन्........  **देश से है प्यार तो हर पल यह कहना चाहिए,  मैं रहूँ या ना रहूं भारत यह रहना चाहिए**.