पंकज उधास : आहिस्ता कीजिये बातें धड़कने, कोई सुना रहा होगा। आज हमारे बीच से एक महान शख्सियत का जाना हम सब के लिए एक बड़ी क्षति हैं। जिसे हम पूरा तो नहीं कर सकते लेकिन उनके गीतों से खुद को उनके होने का अहसास करते रहेंगे। वो भले हमारे बीच नहीं, पर उनके गीत हमारे बीच रहेगें।
वो बात जो जरूरी है