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Showing posts from February 1, 2022

अहिंसा की सही परिभाषा बताती है दो आंखें बारह हाथ मूवी

  'दो आंखें बारह हाथ' मूवी अहिंसा की सही परिभाषा को बताती है  । "जिसके अनुसार अहिंसा का मतलब बलवान होकर भी हिंसा को न करना है ।" ये मूवी एक ऐसे पुलिस वाले के प्रयोग पर आधारित है ।  जिसके जैसे त्याग करने के लिए बहुत साहस की जरूरत होती है ।  इस मूवी का मुख्य पात्र  जेलर वार्डन आदिनाथ (वी शांताराम)   है जो कैदियों को अहिंसा के मार्ग पर चलाने के लिए जेल से उनकी  रिहाई कराता है और उन्हें सामान्य मनुष्य की तरह जीवन जीने की इच्छा से उनको जेल के बाहर की दुनिया में ले जाता है  ।  उनको जिंदगी जीने का सही तरीका बताता है। जिसके लिए उसे   मुख्य पुलिस अधिकारी के द्वारा रखी गयी शर्त को मानी होती है  ।  कि अगर वो इस प्रयोग में असफल हुआ तो उसकी सारी सम्पत्ति जब्त कर ली जाएगी और उसे शासन के द्वारा  सजा दी जाएगी । पुलिस वाला सभी शर्तों को मान लेता है और उन कैदियों को जेल से बाहर की दुनिया में ले जाता है। जहां पहले तो ये कैदी उस पुलिस वाले की ज्यादा बाते नहीं मानते हैं  वे लोग अपनी मनमर्जी के अनुसार काम करते हैं किन्तु जैसे जैस...