मौन हर दिन की तरह आज भी वो अपने काम को करके घर आने की तैयारी कर रही थी..ऑफिस में सब से हंसबोल रही थी....पर आज जैसे उसे कुछ और ही सीखना था..जो उसके लिए लाईफ का एक चैप्टर जैसा था... हुआ यू कि सबकी की तरह उसने भी अपने ट्रस्क को पूरा करके थोड़ा आराम चाहा..जिसके लिए उसने अपने बोस से पूछा थोड़ा बाहर जाने के लिए अनुमति मांगा..पर आज उसे जो उत्तर मिला उस उत्तर की उसने अपेक्षा न की थी.. जैसे ही उसने अपने बॉस से कहा कि वो 10 मिनट में आ रही है..फौरन उसने बॉस ने उसे कहा 10 मिनट में आओं या 20 मिनट में मुझें क्या..अपना सा मुंह लिए वो चाय पीने के लिए ऑफिस से निकल गयी.. उसने हर रोज की तरह चाय की टपरी में जाकर चाय का लुत्फ उठाया और ऑफिस आ गयी..और अपने काम पर वापस लग गयी.. जहां कुछ मुहफट लोगों से उसकी थोड़ी बहस भी हो गयी...जिसमें वो कम दूसरे मुंहफट लोगों की बकवास ज्यादा थी..कुछ देर के बाद उसने बोलना बंद कर अपना काम करना शुरू कर दिया.. इस बीच उसे याद आय़ा कि उसकी शिफ्ट का समय खत्म होने में अभी एक घंटा है..सो उसने अपना काम करना शुरू कर दिया.. इस बीच कई बार उसे ऐसा लगा कि उसके जवाब का उत्तर लोगों ...
वो बात जो जरूरी है