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Showing posts from October 19, 2022

दीपक की आत्मकथा

 बहुत ही कम कीमत में मिल जाने वाले इस दीप की  असली  कीमत  इतनी ज्यादा होती है जिसे चाहकर भी हम अदा नहीं कर  पाते हैं ∣  कहने को तो ये एक मात्र मिट्टी का दीपक होता है  जिसका उपयोग करने के बाद ये अक्सर हमारी आंखों से ओझल सा हो जाता है ∣ किन्तु   ये आम सा दिखने वाले दीपक का जन्म ढेरों तूफान के बीच में होता है ∣ जिसके  बनने की प्रक्रिया काफी कष्ट दायक होती है ∣ तब जा के दीपक आकार ग्रहण कर पाता है ∣ पहले इसे कुम्हार पैरों से बहुत पीटता है ∣ फिर इसे बाहर से चोट पहुंचता है अंदर से इसे सहारा देता है ∣  इसके बाद इसे पकाया जाता है तब जाके ये एक  आकर ले पाता है ∣  इस दीपक की तरह मनुष्य का जीवन होता है जहां पर अक्सर जीवन की विकट परिस्थितियों के समक्ष हमें काफी कष्ट सहना होता है ∣ ढेरों कष्ट का सामना करने के बाद हमारा जन्म होता है ∣