आज भी कई लोग अपने को महान दूसरों को कम समझते है वे सोचते है कि वो बहुत होशियर है और दूसरों लोग मूर्ख है. जब भी अपने ज्ञान का घमण्ड हो जाऐ तो किसी ऐसी किताब को खोलकर देख लेना जो तुम्हारे सीमा के बाहर हो तुम्हें मालूम चल जाऐगा कि तुम कहां पर हो.
वो बात जो जरूरी है