अगर सिर्फ तुम काम करते ही रह गए और तुमने जिंदगी ही नहीं जी तो तुम रोबोट बन कर रह जाओगे। तुम में संवेदना ही खत्म हो गई तो तुम एक कठपुतली बन कर रह जाओगे। तुम खुश होना सीखा जाओ नही तो तुम केवल देवदास बन कर रह जाओगे। मैं ये नहीं कहती कि तुम अपने काम के प्रति लापरवाह बन जाओ, लेकिन तुम जिदंगी जीना ही छोड़ दो ये गलत बात है।
वो बात जो जरूरी है