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Showing posts from November 13, 2023

सिर्फ मैं हूँ का जब अहम सिर में चढ़ता है

वैसे तो हम सब किसी न किसी न काल्पनिक दुनिया में ही अपना जीवन जी रहे होते हैं ∣ किन्तु हम उस समय ज्यादा  काल्पनिक हो चुके होते हैं ∣ जब हमें लगता है कि हमारे रहने से ही ये दुनिया चल रही है ∣ अपनी इस गलतफहमी में हम लोग भूल जाते हैं ∣ कि ये दुनिया किसी के लिए नहीं रूकती है ∣ ये चलती जाती है ∣   बात सिर्फ इतनी सी है जब तक हमें उनसे काम रहता है ∣ तब तक उनकी गलतफहमी हम बनाएं रखते हैं ∣