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Showing posts from April 4, 2021

जानें माखनलाल चतुर्वेदी के बारे में

आज ही के दिन मध्यप्रदेश की धरती पर एक लेखक, एक पत्रकार एक स्वतंत्र विचार वाला व्यक्ति पैदा हुआ जिसने अपनी लेखनी से वो लिख दिया जो आज स्वतंत्रता के बावजूद लिखना सम्भव नहीं है माखनलाल चतुर्वेदी बचपन से ही कुछ अलग करने की सोचते थे किन्तु कहते हैं नियति का भी अदभुत खेल होता है कब कहाँ ले जाए किसी को नहीं, मालूम माखनलाल चतुर्वेदी ने एक शिक्षक के रुप में अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत की कुछ समय के बाद उन्होंने एक निबंध प्रतियोगिता के लिए गणेश शंकर विद्यार्थी को अपना निबंध भेजा जिसमें उन्हें प्रथम पुरूस्कार मिला इसके बाद उन्होंने शिक्षण कार्य को छोड़कर लेखन की ओर बढ़ना शुरू किया  उनके पहले ही लेख ने उनको पुरूस्कार स्वरूप अंग्रेजी शासन का राजद्रोह केस मिल गया जिसके चलते माखनलाल चतुर्वेदी ने अन्य नाम से लेख लिखना शुरू किया जिनमें वनमाली, सच्चा सपुत्र, भारत माता का पुत्र,  एक भारतीय आत्मा  है जैसे अनेक नाम थे जिसमें उनका एक भारतीय आत्मा इतना प्रसिद्ध हुआ कि उन्हें' एक भारतीय आत्मा ' के रूप में जानें जाना लगा  माखनलाल चतुर्वेदी ने आगें चलकर एक अखबार निकालने की सोची जिसमें उ...