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Showing posts from November 27, 2019

दोस्ती

वो दोस्ती भी क्या दोस्ती थी सुबह जब मिलते थे तो कितना ज्यादा हँस बोल लेते थे। न होती थी चिंता किसी चीज की,  न जाने कितने दिन हम चैन से सोया करते थे। आज मालूम पड़ी उस दोस्त की कीमत जिसके जाने से हम अब हम रोए करते है। हर दुआ पूरी हो मेरे दोस्त की ऐसी खुद से  हर रोज दुआ किया  करते है।