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Showing posts from March 7, 2026

women's day poem in hindi

त्याग, समर्पण की सिर्फ मूर्ति नहीं वो आज की नारी है जो अपना हक लेना और अपने अधिकार दोनों को जानती है। जो जिस भाषा में समझें उसे उस भाषा में समझना जानती है। हालातों ने सिखा दिया है उसे मजबूत बनना वो आज की नारी है वक्त आने पर सबका हिसाब करना जानती है।