कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है। आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो।
वो बात जो जरूरी है
वो बात जो जरूरी है
त्याग, समर्पण की सिर्फ मूर्ति नहीं वो आज की नारी है
जो अपना हक लेना और अपने अधिकार दोनों को जानती है। जो जिस भाषा में समझें उसे उस भाषा में समझना जानती है। हालातों ने सिखा दिया है उसे मजबूत बनना वो आज की नारी है वक्त आने पर सबका हिसाब करना जानती है।
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