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Showing posts from September 23, 2019

रामधारी सिंह दिनकर

रामधारी सिंह दिनकर जिनका जन्म २३ सितम्बर १९०८में बिहार राज्य के सेमरिया जिले में हुआ था । दिनकर जी मुख्य रूप से दलितों के साथ किये जा रहे शोषण पर अपनी लेखनी चलाते थे जिसके  कारण दिनकर जी को दलितों का मसीहा भी कहा जाता था ।  "संस्कृति के चार अध्याय" जिसकी भूमिका  जवाहरलाल नेहरू ने लिखी थी । सम्मान के  रूप में पद्म विभूषण और साहित्य अकादमी पुरूस्कार भी  मिला था  । दिनकर जी ने संसद के रूप में भी काम किया है।   रचनाओं उवर्शी , हुंकार ,रसवन्ती , रेणुका  मुख्य रूप से  रही हैं ।   रामधारी सिंह दिनकर जी की रचनाओ में वीर   रस की बहुलता दिखाई देती है।  शोषकों से विरोध और शोषितों  से  सहान्अनुभूति थी ,नारी के लिये नवीन भावना जिसमें नारी जगत की स्थूल कुमारी देवी है, भाग्यवाद की तुलना में कर्मवाद को बेहतर माना हैं ।   पूजीपत्तियों द्वारा  दलितों पर   किये जा रहे विरोध का  जमाकर विरोध किया था।