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Showing posts from March 6, 2026

international women's day poem: तुम खुद को इंसान समझना

हे स्त्री तुम न बनना भगवान न बनना देवी  तुम खुद को इंसान समझना लोग कहेंगे, बताएंगे तुम्हें तुम्हारी नियति लेकिन तुम खुद को भगवान न समझना हे स्त्री तुम खुद को इंसान समझना न बनना महान, न बनना सर्वशक्तिमान तुम इंसान बनना हे स्त्री तुम खुद को इंसान समझना हे स्त्री तुम खुद को इंसान समझना लोग क्या कहेंगे ये सोचकर अपनी खुशियों  का त्याग न करना  हे स्त्री तुम खुद को इंसान समझना घर और बाहर की जिम्मेदारी के बीच तुम खुद की खुशियों का त्याग न करना हे स्त्री तुम खुद को इंसान समझना...